Wednesday, September 12, 2007

मैत्री

मैत्री करणारे खूप भेटतील
परंतू निभावणारे कमी असतील
मग सांगा, खरे मित्र कसे असतील?

कधी भांडणाची साथ, कधी मैत्रीचा हात
कधी प्रेमाची बात, अशी असते निस्वार्थ मैत्रीची जात

या मैत्रीचा खरा अर्थ केव्हा कळतो?
नेत्रकडा ओलावल्या अन शब्द ओठांवरच अडखळला
मित्र या शब्दाचा अर्थ तो दूर गेल्यावर कळला

आपल्यावर जीवापाड प्रेम करणारं
सुख-दु:खाच्या क्षणी आपल्या मनाला जपणारं
जीवनाला खरा अर्थ समजावणारं
अशी असते ती मैत्री

7 Comments:

Blogger Dr Prabhat Tandon said...

दीपान्जली जी , आपके ब्लाग के माध्यम से मै ब्लाग-अड्डा के बारे मे कुछ कहना चाहूगाँ । मेरे जैसे और भी कई ब्लागर ब्लाग-अड्डा तक पहुँचे होगें लेकिन अपना account शायद न बना पाये ; उनमे से मै भी रहा हूँ । बहुत सी तकनीकी जानकारी मेरे पास नही है जिससे मै उस form को ठीक से भर न पाया जैसे RSS का पता । इसलिये अनुरोध है कि form को simple बनायें ।

September 14, 2007 at 12:39 AM  
Blogger सचिन मेरठ said...

आपको हिंदी में पडने की बहुत इच्छा है अपने हिंदी चिट्ठे का लिंक जरा भेज दें तो हम भी लुत्फ उठा पायें

September 14, 2007 at 10:28 PM  
Blogger मी एकचं माझ्या सारखा said...

namaskaar...

aaplaa..comment pahilaa..

aaho pan me...kami waaparato... net.. mhanun.. aaNi haa blog dekhil..

naahi naahi karat... banawlaa..
mhanun... nava banawayachaa... nidaan aata tari..!

tari..

dhanyawaad..

chetan fadnis

September 15, 2007 at 8:47 AM  
Blogger adwait said...

tu koN aahes ?

September 18, 2007 at 12:56 AM  
Blogger शिरीष said...

दिपांजली सगळ्याच कविता उस्फ्रुर्त आहेत.
माझ्या ब्लाँग वर काँमेंट वाचली. आवडली.
भेटत राहू

September 18, 2007 at 12:03 PM  
Blogger deepanjali said...

Dr Prabhat Tandon जी ,

link on
Subscribe to: Posts (Atom)
as specified below is your rss feed which is needed to provide updates of your blog to all readers
http://budhvani.blogspot.com/feeds/posts/default

September 20, 2007 at 5:43 AM  
Blogger vikas said...

hi deepanjali khup chhan kavita aahet mala khup aav'dalya
best luck ajun changlya changly kavita post kar
tu facebook var aahes

January 16, 2011 at 12:56 AM  

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home